Sunday, May 11, 2008

?


क्यों?

कभी तनहा करदे मुझे
मेरे यादों में
कभी खुशियँ भरदे
मेरे सूनी राहों में

हवा के झॊंके आये कभी
बिजली के साथ
पवन कभी ठंडक लाये
खुशबू के हाथ

क्यों आती हैं बहारें?
जैसे आके भी न आये हाथ!!
क्यों मिलते हैं लोग ऎसे?
मिलके बिछ्डने के बाद!!



14 comments:

Chandrika said...

Its a beautiful thought :)

ತೇಜಸ್ವಿನಿ ಹೆಗಡೆ said...

Welcome;-) Thanks a lot Chandrika..

ಪಯಣಿಗ said...

some questions are beautiful as they have no answers and for some the beauty is in not trying to find an answer

Jayashree said...

nanna kavanakke nimma pratikriyeyanna Pramod avara kavana blognalli ittichege nODide. khushi aaytu. kaavya naamavenu illa. shree anta karedukoLLodu nanagishta. nIvu kavana, kathegaLanna chennagi barItiri.

ತೇಜಸ್ವಿನಿ ಹೆಗಡೆ said...

पयणिग और जयश्री,

बहुत धन्यवाद .

srinivas said...

bahut accha artha poorn kavitaa hai

जो दिखाते हैं
उसमें है दिखावट
जो सुनाते हैं
उसके पीछे है सजावट

bhagavaan bhala karein

gurudEva dayaa karo deena jane

ತೇಜಸ್ವಿನಿ ಹೆಗಡೆ- said...

नमस्कार श्रीनिवास जी,

बहुत धन्यवाद..आपके नगमें भी अच्छें हैं. आते रहयेगा..

srinivas said...

ಬರುವೆ ಬರುವೆ ಬರುವೆ
ಮನದ ಚಿಂತನೆಗಳ ಜಗಕೆ ಸಾರುವೆ
ಕೃಪೆಯ ತೋರಿದೆಯಾದರೆ ನೀ ಹರಿಯೇ
ಎಲ್ಲೆಲ್ಲಿಯೂ ನಾ ಇರುವೆ

MD said...

'पंचमि' आप पहले हिंदी ब्लागर् हो जिसने मेरि हिंदी कविता पर अपनी राय् पेष् की ।

खुशि हुयि आप से मिलके ।

मैंने उसी दिन् आपके इस् हिंदी ब्लाग् पर नजर् डालि थी । समय के अभाव के कारण अपने अभिप्राय यहां अभिव्यक्त कर नहिं सका ।

आज से आप के इस ब्लाग् पर हमेशा भेंट दिया करूंगा ।

और भी सुंदर् से सुंदर कवितावों कि अपेक्ष करता हूं ।
ये आशा भी करत हूं कि आप इस पर लगातार जुडी रहेंगि।

--एम्.डि

swt$sri said...

aap to hindi me bhi utane hi achche likhte ho jitna kannada me likhe ho..
very good.. keep going..

ತೇಜಸ್ವಿನಿ ಹೆಗಡೆ- said...

@ ಶ್ರೀನಿವಾಸ್ ಅವರೆ,
ತುಂಬಾ ಸುಂದರ ಕವನ..ಮತ್ತಷ್ಟು ಚರಣಗಳು ಬರಲಿ.

@ एम.डि.जी,

पहले आपका स्वागत है. आपका हौसला ही पंचमि की ताकत है. जरूर जुडे रहियेगा. जल्दी ही ब्लाग को update करूंगी. बहुत धन्यवाद. मेरा एक और ब्लाग "ಮಾನಸ" को भी भुलियेगा नहीं.

Karmakar ji,

Bahuth Dhanyavaada. Aathe rahiyegaa.

sunaath said...

पंचमिजी,
यॆ भावपूर्ण कविताके लिये मेरी बधायी।

तेजस्विनी said...

सुनाथा जी.

बहुत धन्यवाद. आते रहियेगा.

Kirti said...

i seen ur hindi blog also really u have good creativity n tanks for replying me so soon i wil try to write n post many poems so u wil suggest me thanks for reply...